ଗଙ୍ଗାଧର ମେହେର ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ, ସମ୍ବଲପୁର, ଓଡିଶା

Gangadhar Meher University, Sambalpur, Odisha

School of Hindi

faculty
Dr. Dasharathi Behera

Guest Faculty(Assistant Professor)

Hindi

MA(Hindi) Kurukshetra University, Mphil(Hindi) Kurukshetra University, Ph.D. (Hindi) Sambalpur University,, PG Diploma in Translation Kurukshetra University

Itihas, Patrakarita, Translation, Prajoyan mulak Hindi, Research Methodology

Selected Publications

Patrakarita Arth aur Swaroop

Naveen Sodh Sansar

Dr.Dasharathi Behera

WoS Indexed: No; Scopus Indexed: No; UGC Care Listed: Yes; vol: I; pg: 144-148; Publisher: Naveen Shodh Sansar; Impact Factor: 5.610; DOI :

jansanchar kal aaj aur kal

Naveen Sodh Sansar

Dr.Dasharathi Behera

WoS Indexed: No; Scopus Indexed: No; UGC Care Listed: No; vol: I; pg: 350-353; Publisher: Naveen Shodh Sansar; Impact Factor: 5.610; DOI :

Odisha mein Anuvad sthti aur samashyaen

Varta Vahak

Dr.Dasharathi Behera

WoS Indexed: ; Scopus Indexed: ; UGC Care Listed: Yes; vol: 18; pg: 14-17; Publisher: Varta Vahak; Impact Factor: ; DOI :

About

डॉ. दाशरथी बेहेरा नाटककार लक्ष्मीनारायण लाल और पत्रकारिता और अनुवाद कला के विशेष पत्र के साथ अपनी स्नातकोत्तर की डिग्री की पढ़ाई कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पूरी की। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ही एमफिल और ट्रांसलेशन में डिप्लोमा किया। एमफिल में संस्मरण और रेखाचित्र विधा पर कार्य किया तो ट्रांसलेशन डिप्लोमा में फोक्लोर आफ ओड़िशा पुस्तक का अनुवाद कार्य किया। इसके बाद ओड़िशा में प्रांत में हिन्दी की स्थिति और समस्याएँ शीर्षक पर शोध प्रबंध प्रस्तुत करते हुए 2015 में पीएचडी डिग्री हासिल किया। विभिन्न महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में 12 सालों का शिक्षकता का अनुव है। 2018 से गंगाधर मेहेर विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य से जुड़े हुए हैं। ओड़िआ से हिन्दी और हिन्दी से ओड़िआ में अनुवाद कार्य भी जारी है। अब तक 'करुणामयी माँ समलेश्वरी', ओड़िआ उपन्यास 'अनुभूति' का हिन्दी में अनुवाद(प्रेस मेँ) किया है। इसके अतिरिक्त पिछले 25 सालों से सक्रिय रूप से पत्रकारिता क्षेत्र से भी जुड़े हुए हैं। सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक पत्रकारिता में विशेष रुचि रखनेवाले डॉ. बेहेरा के नियमित रूप से फीचर और लेख प्रकाशित होते रहते हैं। हिंदी साहित्य को ओड़िशा की देन पर शोध कार्य जारी है।

 


मेंटर के रूप में कार्य करते हुए कई विद्यार्थियों को यूजीसी नेट, जेआरएफ, अनुवादक, बीएड, अध्यापक जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता तक पहुंचाने का कार्य किया है। नियमित रूप से योगायास करते हुए विद्यार्थियों को भी योगाभ्यास करने उत्साहित करते हैं। गंगाधर मेहेर विश्वविद्यालय योगा क्लब में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में भी जुड़े हुए हैं।